जल, जंगल, जमीन और वन्य प्राणियों को बचाने सभी को संकल्प लेने की जरूरत- श्रीमती लोकेश्वरी नेताम
- शेख हसन खान, गरियाबंद
- विश्व पर्यावरण दिवस पर मैनपुर नवमुड़ा में वन विभाग द्वारा विशाल पौधा रोपण कार्यक्रम का आयोजन
- ग्रामीणों के साथ जनप्रतिनिधियों एवं अफसरों ने एक पेड़ मां के नाम पौधा रोपण कर सुरक्षा की लिया शपथ
गरियाबंद । जल, जंगल और जमीन हमारे जीवन अजीविका और संस्कृति का मुख्य आधार है। वनों और जल स्त्रोतों के संरक्षण के बाद अब क्षेत्र के लोगों को अपनी उपजाऊ जमीन की सुरक्षा के लिए आगे आने का समय आ गया है। उक्त बाते आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वन विभाग मैनपुर द्वारा नवमुड़ा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सदस्य श्रीमती लोकेश्वरी नेताम ने कही।

कार्यक्रम का शुभारंभ पूजा अर्चना और एक पेड़ मां के नाम लगाया गया। इस दौरान जनपद सदस्य श्रीमती कुमारी बाई पटेल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य अमृत नागेश, जाड़ापदर सरपंच उपासीन नागेश, डोमार पटेल, उप वनमंडलाधिकारी मनोज चंद्राकर, वन परिक्षेत्र अधिकारी राजेन्द्र कुमार साहू, छबिलाल ध्रुव एवं क्षेत्र के वरिष्ठजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
इस दौरान आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सदस्य श्रीमति लोकेश्वरी नेताम ने कहा कि पौधा रोपण सिर्फ दिखाने के लिए नही बल्कि पौधा रोपण करने के बाद उसकी सुरक्षा की भी जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी। क्योंकि हर साल बड़ी संख्या मे पौधा रोपण कार्यक्रम तो किया जाता है लेकिन पौधे गायब हो जाते हैं। देखरेख करने वाले नहीं होते इसलिए आज पौधा लगाने के बाद उसकी सुरक्षा के लिए संकल्प लेने की जरूरत है। श्रीमती नेताम ने कहा कि हमारे क्षेत्र में बहुत जंगल है और बड़े -बड़े वर्षो पुराने वृक्ष है। आज वन विभाग को चाहिए की इन जंगलों की सुरक्षा किया जाये। श्रीमती नेताम ने क्षेत्र की जनता से अपील करते हुए कहा कि जल जंगल के साथ अब जमीन की भी सुरक्षा के लिए सामने आना पड़ेगा। क्योंकि क्षेत्र मे अब बड़े शहरों के लोग जमीन पर नजर डाले हुए हैं। इसलिए सबको सावधान रहने की जरूरत है। क्योंकि जमीन है तो सभी है किसी के बहकावे में नहीं आना है।
जनपद सदस्य श्रीमती कुमारी बाई पटेल ने कहा कि आज यहां वृक्षारोपण कार्यक्रम किया जा रहा है। हम सबको जल जंगल जमीन और वन्यप्राणियो की सुरक्षा का संकल्प लेना है। वन परिक्षेत्र अधिकारी राजेन्द्र कुमार साहू ने कहा कि पौधा रोपण के लिए आज क्षेत्र की जनता सामने आ रही है। क्षेत्र के जंगल को सुरक्षित करने और तार का घेरा लगाने के लिए कार्ययोजना तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बढ़ते प्रदुषण घटते वन क्षेत्र और तेजी से बदलते जलवायु चक्र के बीच पर्यावरण संरक्षण आज पूरी दुनिया के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। जल जंगल जमीन वन्यप्राणियो का संरक्षण बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि तेजी से जंगल घटने के कारण जल स्तर नीचे जा रहा इसका दुष्परिणाम देखने को मिल रहा है। इस मौके पर प्रमुख रूप से सहायक परिक्षेत्र अधिकारी बिम्बाधर यदु, रोहणी ध्रुव, वन रक्षक अघन सोरी, साहेबलाल बंजारे, सुशील कुमार, गौरव कोसले, गौरीशंकर प्रधान, नमेश यादव, लखन निर्मलकर एवं बड़ी संख्या मे क्षेत्र के जनप्रतिनिधि ग्रामीणजन उपस्थित थे। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन वन परिक्षेत्र अधिकारी राजेन्द्र कुमार साहू ने किया।
