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July 28, 2026

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बारिश में बोतलधारा जलप्रपात का अनुपम छटा निखर उठा

  • बारिश के साथ ही मैनपुर क्षेत्र के वॉटरफालों का नजारा देखते ही बन रहा
  • शेख हसन खान, गरियाबंद

बरसात के इन दिनों में गरियाबंद जिले कि प्राकृतिक सुंदरता देखते ही बन रही है। वन जंगल जहां हरियाली की चादर ओढ़े लोगों का मन मोह रहा है। वही जिले के भीतर खासकर उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के अंदर नदिया मचलती हुई धारों धार बह रही है। झरनों में पूरे आवेग है। झरते हुए झरने अपने कलक से जंगलो के सन्नाटे को चिरते हुए तेज स्वरों से प्राकृतिक प्रेमियों को अपने पास आने का न्यौता देते प्रतीत हो रहा है। मैनपुर क्षेत्र के जंगल प्राकृतिक संपदा से भरा हुआ है यहां के सघन जंगल और छोटी बड़ी नदिया और सदाबहार झरने इसकी गवाही देते हैं। अफसोस की बात तो यह है कि इतना प्राकृतिक सपन्न जिला होने के बाद भी क्षेत्र मे पर्यटन को विकसित करने की दिशा मे आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सकता जिसके कारण यहां के प्राकृतिक स्थल देश दुनिया के नक्शे से ओझल है। पर्यटन को विकसित करने की दिशा मे यदि प्रयास किया जाये तो न केवल सरकार को इससे राजस्व प्राप्त होगा बल्कि रोजगार के नये स्त्रोत भी पैदा हो सकते हैं।

बारिश के इन दिनों में मैनपुर वनांचल पहाडी क्षेत्र में कुछ जंगलों का नजारा बेहद खुबसुरत होता है। खास तौर पर वाटर फाल अपने पुरे शबाब पर होते है लोग इनके प्राकृतिक सौर्न्दय का आंन्नद लेने जाते है पर उनमे से कई इन जगहो पर असावधानी के चलते लोग घटनाओं के शिकार भी होते है इसलिए वाटरफाल देखने से पहले पुरी सुविधाओ के साथ और सावधानी पूर्वक जाना चाहिए। ऐसी ही एक वाटरफाल तहसील मुख्यालय मैनपुर से महज 15 किलोमीटर की दुरी कुल्हाडीघाट के पहाडी पर बोतल धारा के रूप में पुरे प्रदेश में प्रसिध्द है‌। इस वाटरफाल को तहसील मुख्यालय मैनपुर से देखा जा सकता है लगभग दो किलोमीटर की उंचाई से बोतल की आकार लिए धुआंधार जल प्रपात को गिरते देखने का एक अलग ही अनुभव है। यहां पहुंचने के लिए मैनपुर से बुडार तक 07 किलोमीटर वाहन से पहुचा जाता है और 6 किलोमीटर पैदल दुर्गम पहाडी रास्तों को पार कर यहा पहुंचते हैं। हर बारिश के दिनों क्षेत्र के खासकर युवा यहां पहुंचते है और जल प्रपात का आंन्नद लेते हैं। यह जंगल जितनी खुबसुरत है उतनी यहा पहुचना खतरनाक है, लेकिन कही पर भी चेतावनी बोर्ड नही लिखा है, यहा चेतावनी बोर्ड लगाया जाना बेहद आवश्यक है। सेल्फी और ग्रुप फोटो यहां लेना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है इसलिए इस खुबसूरत वाटर फाल के तरफ प्रशासनिक तौर पर सुरक्षा के इंतजाम पर्यटन मंडल को करना चाहिए। वैसे यहां मात्र चार माह ही बारिश के दिनों में वाटर फाल देखने को मिलता है‌। बहरहाल बोतल धारा जल प्रपात की खुबसुरती को वंही बीहड जंगलो को पार को पहुंचने के बाद ही अहसास किया जा सकता है।

  • बोतल धारा जलप्रपात की खुबसूरती देखते ही बन रही है

मैनपुर क्षेत्र के काफी प्रसिध्द जलप्रपात बोतल धारा पिछले दो दिनों से अपने पुरो सबाब पर है और मैनपुर नगर से इसकी खुबसुरत नजारा को देखा जा सकता है, यहा पहुचने के लिए बेहद ही घनें जंगल पत्थरीले, चीकने पत्थरों को पार कर पहुचा जाता है इन पत्थरों में लगातार पानी के कारण फिसलन होने से हमेशा दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। क्षेत्र के लोगो ने पर्यटन विभाग से मांग किया है कि यह खुबसरत जलप्रपात तक आसानी से पहुचने के लिए बारिश के दिनों में अस्थाई सडक का निर्माण किया जाए जिससे पर्यटकों को इसका लाभ मिल सके और बारिश के दिनों में ही बोतल धारा जलप्रपात का आंनद लिया जा सकता है।