करोड़ों रूपये की पुल निर्माणाधीन कार्य में सूचना बोर्ड क्यों नहीं लगा है ?
- शेख हसन खान, गरियाबंद
- क्या जिला प्रशासन का नजर गया की नहीं ?
- सवाल पारदर्शिता पर उठ रहा है – मुरलीधर सिन्हा
गरियाबंद। भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ प्रदेश सहसंयोजक मुरलीधर सिन्हा ने एक विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि मैनपुर तहसील मुख्यालय से 5 किलोमीटर दूर पैरी नदी में देहारगुड़ा से खामभांटा पर लोक निर्माण विभाग के सेतु निगम द्वारा बनाये जा रहे पुल पर आए दिन बयानबाजी हो रहे हैं। अब तक समय अवधि में पुल नहीं बनाए जाने पर प्रश्न चिन्ह लग रहा है । भाजपा नेता मुरलीधर सिन्हा ने आरोप लगाया कि यह ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों का मिलीभगत का परिणाम है कि करोड़ों रुपए की पुल निर्माणाधीन है। ऐसे कार्य में विभाग के द्वारा निर्देश का पालन ठेकेदार एवं संबंधित अधिकारी ने क्यों नहीं किया ? निर्माण कार्य में सूचना बोर्ड क्यों नहीं लगा है ? क्या जिला प्रशासन निरीक्षण में गए तो सूचना बोर्ड के तरफ नजर नहीं गया ? क्या अफसरों ने साईट पंजी का निरीक्षण करके कोई नोट एवं निर्देश लिखा है ? यह भी सवाल उठता है ?
विदित हो कि पैरी नदी में बन रहे पुल समय अवधि में नहीं बनने से आवागमन में अनेक कठिनाइयां हो रही है । बच्चों को पढ़ने के लिए देहारगुड़ा स्कूल जाने के लिए निर्माणाधीन पुल में लगे प्लेट से जान जोखिम डालकर रोज पढ़ने जा रहे हैं, यह विभाग को नजर नहीं आता है क्या ? मीडिया में समाचार आने और राष्ट्रीय मानव अधिकार के स्वतरू संज्ञान करने पर निन्द्रा टूटी है तब अधिकारियों का भाग दौड़ हो रहा है, इसके पूर्व जिले में निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण क्यों नहीं किया जाता है ? सम्बंधित ठेकेदार के पास न इंजीनियर है और न तकनीकी अधिकारी है, मुंशी के भरोसे पर निर्माण कार्य चल रहा है यह सब ठेकेदार के साथ अधिकारियों का मिली भगत है ।
भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ मुरलीधर सिन्हा ने जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि जिले में निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण करके दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरूद्ध उचित कार्यवाही करते हुए समस्त निर्माण कार्य करने वाले विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश करें कि निर्माणाधीन कार्यों को समय अवधि में पूरा करें। गुणवत्ता पर किसी तरह समझौता नहीं किया जावे और ग्रामीणों के आने जाने के लिए इस बारिश के दिनों में तत्काल एप्रोच सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था किया जाये क्योंकि सैकड़ों ग्रामीणों को प्रतिदिन जहां एक ओर अपनी जरूरतों के लिए आना जाना करना पड़ता है।
वहीं बच्चो को स्कूल आने मे कोई तकलीफ न हो। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे गंभीरता से लिया है और बच्चो की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दिया है साथ ही जिले के कलेक्टर को तत्काल सुरक्षित और सुगम वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था करने निर्देश दिया है। अबतक क्या सुरक्षा के उपाय किये है और ग्रामीणों के आने जाने के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था किया गया है। इसे जिला प्रशासन को बताना चाहिए ताकि ग्रामीणों और बच्चों को कोई परेशानी न हो।
