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June 10, 2026

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव सरकार द्वारा आयोजित सुशासन तिहार समस्याओं के समाधान के लिए मिल का पत्थर साबित

  • वनांचल क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना से लोगों के जीवन स्तर में बदलाव 
  • शेख हसन खान, गरियाबंद* 

गरियाबंद । छत्तीसगढ़ में बीते लगभग ढाई वर्षों में शासन की कार्यशैली को लेकर एक नई परिभाषा गढ़ने की कोशिश दिखाई देती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने सुशासन को केवल एक नारा नहीं, बल्कि जमीनी क्रियान्वयन का आधार बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। सीमित समयावधि ढाई साल में ही सरकार ने विकास का जो खाका तैयार किया है, उसे भविष्य की बड़ी तस्वीर के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंसानुसार सुशासन तिहार के तहत नागरिको की समस्याओं के त्वरित पादर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए सुशासन तिहार के अन्तर्गत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रो में जन समस्या समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इस भीषण गर्मी में सुशासन तिहार में लोगो की भीड़ सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को बताने के लिए काफी है और ग्रामीणों की कई मांगो का मौके पर ही समाधान किया जा रहा है।

एक तरह से सरकार स्वयं गांव-गांव पहुंचकर लोगो की समस्याओं को सून रहा है और उनके मांगो को पूरा कर रहा है विष्णुदेव सरकार की मंशा है कि अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी विकास के मुख्य धारा से जुड़े़ और किसी भी पात्र हितग्राहियों को योजनों के लाभ से वंचित न रहना पड़े। सबका साथ सबका विकास के मूल मंत्र पर चलने वाली यह सरकार किसानों, श्रमिको महिलाओं युवाओं और वंचित वर्गो के शशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सुशासन तिहार जनता और शासन प्रशासन के बीच एक सेतु की तरह कार्य कर रही है जो लोगो की समस्याओं को शासन प्रशासन तक पहुचा रही है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश की पहचान धान का कटोरा के रूप में रही है, लेकिन इस पहचान को सम्मान देने का काम हालिया नीतिगत निर्णयों में स्पष्ट दिखता है किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर तय करना केवल आर्थिक निर्णय नहीं, बल्कि अन्नदाताओं के आत्मविश्वास को मजबूत करने की पहल भी है इसके साथ ही, तेंदूपत्ता संग्राहकों जिन्हें हरा सोना से जुड़ा श्रमिक वर्ग कहा जाता है, के लिए पारिश्रमिक दर को 5500 रुपये करना और चरण पादुका वितरण जैसे निर्णयों ने आदिवासी क्षेत्रों में राहत पहुंचाई है मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही लगभग 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति देना सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है बेघर और जरूरतमंद परिवारों को छत उपलब्ध कराना सुशासन की पहली सीढ़ी के रूप में देखा गया, राज्य सरकार ने 70 लाख से अधिक विवाहित महिलाओं के खातों में प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि देने की पहल की यह राशि भले सीमित लगे, लेकिन ग्रामीण और जरूरतमंद परिवारों के लिए यह आर्थिक संबल का काम कर रही है यह कदम महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है

सुशासन तिहार को इस वर्ष भी 1 मई से 10 जून तक आयोजित किया जा रहा है इसका उद्देश्य योजनाओं की जमीनी हकीकत को परखना, नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और प्रशास को सीधे जनता से जोड़ना है।