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June 11, 2026

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उम्मीद की स्याही -रोशनी की खातिर प्रधानमंत्री को ग्रामीणों ने पत्र लिखकर लगाई गुहार

  • शेख हसन खान, गरियाबंद 
  • आदिवासी ग्रामों में बिजली लगाने की मांग को लेकर सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखा खून से पत्र
  • आजादी 79 वर्षो बाद दर्जनों ग्रामों के हजारों आदिवासी बिजली सड़क, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे
  • सुबह से 48 गांवों के 500 ग्रामीणों ने खून से लिखा प्रधानमंत्री मोदी को पत्र, कहा- 21वीं सदी में भी अंधेरे में गुजर रही जिंदगी, बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य सेवाएं हो रही प्रभावित

गरियाबंद । गरियाबंद जिले के आदिवासी विकासखण्ड मैनपुर क्षेत्र के राजापड़ाव गौरगांव इलाके के पांच ग्राम पंचायतों के लगभग 48 ग्रामो के सैकड़ों ग्रामीणों ने आज बुधवार को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपने खून से पत्र लिखकर कहा आधुनिक युग 21वीं सदी मे अंधेरे मे जिंदगी गुजारने मजबुर हो रहे है। राजापड़ाव गौरगांव क्षेत्र के ग्रामीणों ने बिजली और मूलभूत सुविधाओ की मांग को लेकर आज ऐसा कदम उठाया, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया वर्षों से विद्युत सुविधा से वंचित क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों ने अपने खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पत्र लिखकर गांवों में बिजली उपलब्ध कराने की मार्मिक अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से मांग और आंदोलन के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ, इसलिए अब उन्होंने अपनी पीड़ा सीधे देश के प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का फैसला किया है। ग्राम अड़गड़ी में किसान संघर्ष समिति एवं जय अंबेडकरवादी युवा संगठन के तत्वाधान मे विशाल महा बैठक का आयोजन किया गया सैकड़ों महिला पुरूषों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम अपने खून से भावुक चिट्ठी लिखी है।

  • अड़गड़ी गौठान में जुटे 500 से अधिक ग्रामीण

राजापड़ाव क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कोकड़ी, गरहाडीह, गौरगांव, भूतबेड़ा, कुचेंगा समेत आठ पंचायतों के 48 गांवों और आश्रित पाराटोलों के लगभग 500 ग्रामीण अड़गड़ी गौठान स्थल पर एकत्र हुए। जय अंबेडकरवादी युवा संगठन और किसान संघर्ष समिति राजा पड़ाव क्षेत्र के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों ने अपने खून से पोस्टकार्ड लिखकर बिजली की मांग को प्रमुखता से उठाया। ग्रामीणों ने पत्र में उल्लेख किया कि बिजली के अभाव में बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और आजीविका बुरी तरह प्रभावित हो रही है आधुनिक युग में भी अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर होना उनके लिए बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है।

  • बिजली के बगैर क्षेत्र का विकास रूका – संजय नेताम

कार्यक्रम मे जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने कहा कि 21वीं सदी में सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद क्षेत्र के लोगों का बिजली से वंचित रहना किसी अभिशाप से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक से ग्रामीण लगातार बिजली की मांग कर रहे हैं और हाल ही में आयोजित सुशासन तिहार के समाधान शिविर में भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। संजय नेताम के अनुसार अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि क्षेत्र अभ्यारण्य के दायरे में आने के कारण राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की अनापत्ति के बिना विद्युतीकरण संभव नहीं है। प्रशासन ने यह भी कहा कि इस संबंध में अंतिम निर्णय केंद्र स्तर पर लिया जाना है, इसलिए राज्य सरकार अकेले बिजली उपलब्ध नहीं करा सकती। इसी वजह से ग्रामीण अब सीधे प्रधानमंत्री और एनटीसीए को पत्र भेज रहे हैं।

  • सिंगल यूज सिरिंज से निकाला खून, उसी से लिखी अपनी पीड़ा

ग्रामीणों ने बताया कि कार्यक्रम की पूर्व सूचना प्रशासन को दी गई थी और खून निकालने की प्रक्रिया में सहायता की मांग भी की गई थी, लेकिन कोई सहयोग नहीं मिला। इसके बावजूद सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए प्रत्येक व्यक्ति के लिए अलग-अलग सिंगल यूज सिरिंज का इस्तेमाल किया गया। सिरिंज से निकाले गए खून को स्याही की तरह उपयोग कर ग्रामीणों ने पोस्टकार्ड पर अपनी भावनाएं और समस्याएं लिखीं। किसान संघर्ष समिति अध्यक्ष दैनिक राम मंडावी, जय अंबेडकरवादी युवा संगठन अध्यक्ष पतंगसिंह मरकाम, सरपंच चिमन नेताम, रामदेव मरकाम, साधुराम नेताम ने बताया कि यह किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन नहीं बल्कि अपनी मांग को संवेदनशील तरीके से रखने का प्रयास है। उनका कहना है कि वर्ष 2006 से अब तक हजारों पत्र सामान्य स्याही से लिखे जा चुके हैं, लेकिन उनकी मांगों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन भी बेअसर रहे। इसलिए इस बार ग्रामीणों ने अपनी पीड़ा को खून से लिखकर प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का निर्णय लिया है।

  • 500 से अधिक पत्र स्पीड पोस्ट से भेजे जाएंगे

ग्रामीणों ने बताया कि कार्यक्रम में लिखे गए 500 से अधिक पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण को स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजे जाएंगे। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि उनकी यह भावनात्मक अपील सरकार और संबंधित एजेंसियों का ध्यान आकर्षित करेगी तथा वर्षों पुरानी बिजली की समस्या का स्थायी समाधान निकल सकेगा।

इस मौके पर प्रमुख रूप से दैनिक मंडावी, पतंग मरकाम, संजय नेताम जिला पंचायत सदस्य, दीनाचंद मरकाम सरपंच कोंचेगा,टीकम मरकाम सरपंच प्रतिनिधि भूतबेंडा,नरेश नेताम सरपंच प्रतिनिधि गोना,कृष्ण कुमार नेताम सरपंच प्रतिनिधि अड़गडी, चिमन नेताम सरपंच गौरगाँव, नकुल नागेश बरनू नेताम,रोहन नेताम, अजय नेताम, पुरुषोत्तम परदे, फलेश नेताम, महेश सूर्यवंशी, दुर्जन मरकाम, रविंद्र मरकाम, नंदलाल नागेश, अमरू मरकाम, सुखदेव नेताम, परशुराम नेताम, मंगलुराम मरकाम, मोहन मरकाम भगवान सिंह नेताम, रमेश नेताम, लोकेश मरकाम, जितेंद्र मरकाम, सखाराम मरकाम,कार्तिक मरकाम, नवलू मरकाम कमलेश मरकाम, पुरन मेश्राम सहित क्षेत्र भर के हजारों लोग इस महा अभियान में शामिल है।