गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने स्लिट लैंप आई टेस्टिंग मशीन का किया शुभारंभ
- शेख हसन खान, गरियाबंद
- आईडीबीआई बैंक ने सीएसआर मद से जिला चिकित्सालय को उपलब्ध कराई अत्याधुनिक नेत्र जांच मशीन
- कलेक्टर श्री बीएस उइके ने स्लिट लैंप आई टेस्टिंग मशीन से अपनी आंखों की जांच कराई
गरियाबंद। जिला चिकित्सालय में आज कलेक्टर श्री बीएस उइके की उपस्थिति में आधुनिक स्लिट लैंप आई टेस्टिंग मशीन का शुभारंभ किया गया। यह अत्याधुनिक मशीन आईडीबीआई बैंक द्वारा अपनी सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के अंतर्गत जिला चिकित्सालय को प्रदान की गई है। इस मशीन के स्थापित होने से जिले के मरीजों को नेत्र परीक्षण की बेहतर एवं आधुनिक सुविधा उपलब्ध होगी तथा गंभीर नेत्र रोगों की समय रहते पहचान और उपचार में सहायता मिलेगी।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री बीएस उइके ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आईडीबीआई बैंक ने जिले के मरीजों को ध्यान में रखते हुए स्वप्रेरणा से जिला चिकित्सालय को यह आधुनिक मशीन उपलब्ध कराई है, जो सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि नवीनतम तकनीक से युक्त इस मशीन के माध्यम से जिले के नागरिकों को उच्च गुणवत्ता की नेत्र जांच सुविधा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होगी और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। कलेक्टर श्री उइके ने स्वयं स्लीट लैंप मशीन से अपनी आंखों की जांच कराकर मशीन का शुभारंभ किया तथा इसकी कार्यप्रणाली की जानकारी भी प्राप्त की।
कार्यक्रम के दौरान नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. टीसी पात्रा ने स्लीट लैंप मशीन की उपयोगिता के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह अत्याधुनिक आई टेस्टिंग मशीन है। जिसके माध्यम से आंख के बाहरी भाग, कॉर्निया, लेंस, रेटिना तथा आंख की अन्य सूक्ष्म संरचनाओं की विस्तृत एवं सटीक जांच की जा सकती है। इस मशीन से आंखों के बारीक से बारीक रोगों का प्रारंभिक स्तर पर पता लगाया जा सकता है, जिससे समय पर उपचार संभव हो सकेगा। उन्होंने बताया कि यह उपकरण नेत्र शल्य चिकित्सा से पहले और बाद की जांच के साथ-साथ ऑपरेशन थियेटर में भी काम आएगा।
आईडीबीआई बैंक भिलाई के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री अकुल्य कल्याण ने कहा कि बैंक अपनी सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत जनहित एवं स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय को स्लीट लैंप आई टेस्टिंग मशीन उपलब्ध कराना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस आधुनिक मशीन से मरीजों को बेहतर नेत्र जांच की सुविधा मिलेगी तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा। उन्होंने भविष्य में भी जनकल्याणकारी कार्यों में जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ सहयोग जारी रखने की बात कही।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यूएस नवरत्न ने बताया कि इस आधुनिक मशीन के उपलब्ध होने से जिला चिकित्सालय की नेत्र चिकित्सा सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी। मरीजों की सटीक जांच, शीघ्र रोग पहचान एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित करने में यह मशीन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही गंभीर मामलों को समय रहते चिन्हित कर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। इस दौरान कार्यक्रम में आईडीबीआई के ब्रांच मैनेजर भवानी शंकर साहू, सिविल सर्जन डॉ. यशवंत धु्रव, सहित जिला चिकित्सालय के चिकित्सक, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, अन्य अधिकारी तथा नर्सिंग प्रशिक्षु विद्यार्थी उपस्थित थे।
