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May 14, 2026

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गजब… भोजन बनाया गया सरपंचों के पैसा से और अमलीपदर तहसीलदार ने भोजन करने बैठे सरपंचों को ही अपमानित कर उठा दिया

  • नाराज सरपंचों ने तहसीलदार को हटाने कलेक्टर को ज्ञापन सौंप उग्र आंदोलन करने दिया चेतावनी
  • गरियाबंद के झरगांव सुशासन तिहार में सरपंच संघ के 16 सदस्यों ने बहिष्कार करते हुए तहसीलदार को हटाने किया नारेबाजी
  • शेख हसन खान, गरियाबंद 

गरियाबंद । गरियाबंद के अमलीपदर सुशासन तिहार में सरपंचों के द्वारा भोजन की व्यवस्था किया गया था और इसके लिए बाकायदा सरपंचों ने चंदा कर भोजन बनवाया था लेकिन जब भोजन करने की बारी आई तो अमलीपदर के तहसीलदार गैंदलाल साहू द्वारा भोजन करने बैठे सरपंचों को उठा कर अपमानित किया गया। जिससे सरपंच संघ मैनपुर ब्लॉक अध्यक्ष हलमान धुर्वा सहित 16 ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने आज झरगांव में आयोजित जिला स्तरीय सुशासन तिहार में जमकर नाराजगी दिखाते हुए गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उईके को ज्ञापन सौंपकर तहसीलदार गेंदालाल साहू को तत्काल हटाने की मांग किया है। साथ ही तहसील को जल्द नहीं हटाया गया तो उग्र आंदोलन करने की चेतावनी भी दिया गया है। हालांकि स्थिति को देखते हुए तहसीलदार ने मंच से ही माफी मांगते हुए मामले को निपटने की कोशिश किया लेकिन आक्रोशित सरपंचों ने स्पष्ट कहा है कि तहसीलदार द्वारा जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधियों का जानबूझकर अपमान किया गया है जिसे तत्काल हटाया जाए अन्यथा आंदोलन करने बध्य होंगे।

गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम अब विवादों में घिरता नजर आ रहा है। मैनपुर सरपंच संघ ने झरगांव में आयोजित कार्यक्रम का बहिष्कार करते हुए अमलीपदर तहसीलदार को हटाने की मांग तेज कर दी है। सरपंच संघ द्वारा कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि 7 मई 2026 को ग्राम पंचायत अमलीपदर-नवापारा में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान तहसीलदार ने सरपंचों का अपमान किया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि कार्यक्रम में भोजन व्यवस्था सरपंचों द्वारा कराई गई थी, लेकिन भोजन के दौरान अमलीपदर तहसीलदार गेंदलाल साहू ने सरपंचों को भोजन स्थल से हटवा दिया। आरोप है कि “SDM खाना खाने बैठेंगे” कहते हुए सरपंचों को उठाया गया, जिससे जनप्रतिनिधियों के सम्मान को ठेस पहुंची।

सरपंच संघ ने यह भी आरोप लगाया कि आदिवासी सरपंचों के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। इसी घटना से नाराज होकर सरपंच संघ ने झरगांव में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम का बहिष्कार कर विरोध दर्ज कराया।

  • तहसीलदार ने मंच से मांगी माफी

इसी बीच तहसीलदार गेंदलाल साहू ने भरे मंच से सफाई देते हुए कहा कि पहचान नहीं होने की वजह से यह भूल हुई। उन्होंने मंच से सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए मामले को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन सरपंच संघ इस अपमान को भूलने को तैयार नहीं दिख रहा है। क्षेत्र में लगातार प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ बढ़ते विरोध और शिकायतों ने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।