मैनपुर क्षेत्र के ग्रामीणों को संजीवनी एक्सप्रेस 108 का नहीं मिल पा रहा लाभ, ईएमटी की कमी से थम गए एंबुलेंस के पहिये
- शेख हसन खान, गरियाबंद
- तीन शिप्ट में चलने वाला एंबुलेंस एक शिप्ट में ही चल पा रहा ग्रामीण मरीजों को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा
गरियाबंद । गरियाबंद जिले के संवेदनशील क्षेत्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मैनपुर में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा 108 संजीवनी एक्सप्रेस का संचालन जनसुविधा के बजाय विभागीय अनदेखी का शिकार हो गया है। 24 घंटे और तीन पालियों (शिफ्टों) में लगातार चलने वाली एंबुलेंस सेवा वर्तमान में महज एक पाली तक सिमट कर रह गई है। मैनपुर मे ईएमटी आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन की कमी के चलते एंबुलेंस के पहिए थम गये हैं और आपातकाल स्थिति मे मरीजो और दुर्घटनाओ मे इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण बेहद परेशान हो गये है और उन्हे मजबूरन नीजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है जिससे उन पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार एंबुलेंस में तकनीशियन (टीईएमटी – इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) और पर्याप्त स्टाफ की भारी कमी के कारण वाहन अस्पताल परिसर में खड़े रहने को मजबूर हैं। इसके चलते गंभीर रूप से बीमार मरीजों, सड़क दुर्घटना पीड़ितों और प्रसव पीड़ित महिलाओं को समय पर आपातकालीन चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है।
- क्या कहते है बीएमओ
मैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के बीएमओ डॉ गजेन्द्र ध्रुव ने बताया कि तीन पाली मे 108 संजीवनी एक्सप्रेस का संचालन किया जाता है लेकिन वाहन मे अभी चालक के साथ एक ही ईएमटी है। ईएमटी के कमी के कारण थोड़ी परेशानी हो रही है। इसके बाद भी गंभीर स्थिति मे हर मरीज को अस्पताल तक पहुंचाया जा रहा है। श्री ध्रुव ने बताया इस मामले को उच्च अधिकारियो को लिखित मे जानकारी दिया जा चुका है 1-2 दिनों में व्यवस्था में सुधार हो जायेगी और मरीजों को कोई परेशानी नहीं होगी।
