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April 28, 2026

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प्रो. यशवंतराव केलकर के जन्मशताब्दी पर ABVP द्वारा “प्रिय केलकर जी” कार्यक्रम का आयोजन

  • ग्रैंड ग्रुप के चेयरमैन गुरुचरण सिंह होरा हुए शामिल
  • शेख हसन खान, गरियाबंद 

रायपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), रायपुर द्वारा आज अभाविप के शिल्पकार प्रो. यशवंतराव केलकर के जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में भव्य कार्यक्रम “प्रिय केलकर जी” एवं स्थायी कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पूरे छत्तीसगढ़ से आए पूर्व एवं वर्तमान कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और संघ परिवार से जुड़े कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही, जिससे आयोजन स्थल उत्साह और ऊर्जा से सराबोर नजर आया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व प्रदेश संगठन मंत्री हरीश लूनिया, विशेष रूप से अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी, भाजपा प्रदेश महामंत्री नवीन मारकंडे, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज, नंदन जैन प्रदेश कोषाध्‍यक्ष भाजपा, ग्रैंड ग्रुप के चेयरमैन गुरुचरण सिंह होरा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने प्रो. यशवंतराव केलकर के विचारों, उनके संगठन निर्माण के योगदान और युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने की उनकी सोच को विस्तार से साझा किया।

इस मौके पर चेयरमैन गुरुचरण सिंह होरा ने कहा कि ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी को सही दिशा देने के साथ ही समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का भाव मजबूत करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि युवाओं को प्रो. यशवंतराव केलकर जैसे विचारकों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए, जिससे देश निर्माण की प्रक्रिया को और गति मिल सके। मैं ABVP का कार्यकर्ता हूँ और ऐसे कार्यक्रमों में शामिल होकर स्वयं को गौरवान्वित महसूस करता हूँ। साथ ही इस सफल आयोजन के लिए सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की सराहना करता हूँ।

  • प्रो. यशवंतराव केलकर के बारे में

प्रो. यशवंतराव केलकर भारत के एक प्रसिद्ध शिक्षाविद, विचारक और संगठनकर्ता थे। उन्हें विशेष रूप से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के मजबूत संगठनात्मक ढांचे को विकसित करने और उसे राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए जाना जाता है। वे विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के पक्षधर थे। उनका मानना था कि शिक्षा केवल नौकरी पाने का साधन नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण का माध्यम होनी चाहिए।

पूरा कार्यक्रम प्रेरणादायक उद्बोधनों, संगठनात्मक चर्चाओं और कार्यकर्ताओं के उत्साहपूर्ण माहौल के बीच संपन्न हुआ, जिसने उपस्थित युवाओं में नई ऊर्जा का संचार किया।