देवभोग क्षेत्र के विकास के लिए समाधान मंच मिल का पत्थर साबित होगा
- शेख हसन खान, गरियाबंद
- समाधान मंच के प्रथम बैठक में बड़ी संख्या में पहुंचे क्षेत्र के लोग
गरियाबंद । छत्तीसगढ़ प्रदेश के गरियाबंद जिले के अंतिम छोर ओड़ीसा सीमा में स्थित देवभोग क्षेत्र की जनता आज भी आजादी के 79 वर्षों बाद मूलभूत बुनियादी सुविधाएं प्राप्त करने के लिए संघर्ष कर रहा है। यह क्षेत्र कीमती रत्न हीरा अलेक्जेंडर के नाम से देश विदेश में जाना और पहचाना जाता है। बावजूद इसके आज तक इस क्षेत्र के लाखों ग्रामीणों को जो बुनियादी सुविधाएं शासन प्रशासन से मिलनी चाहिए नहीं मिल पाई है। देवभोग क्षेत्र समाधान मंच बनाया गया है और आज 31/05/2026 को समाधान मंच देवभोग की प्रथम बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न गांवों एवं समाज के साथियों ने भाग लिया।
- बैठक में निम्न विषयों पर चर्चा एवं निर्णय लिए गए
✅ संगठन का विस्तार एवं सदस्यता अभियान
✅ गांव-गांव में इकाई गठन
✅ जनहित एवं क्षेत्रीय समस्याओं को प्राथमिकता
✅ बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सिंचाई जैसे मुद्दों पर कार्य
✅ धर्म, जाति, लिंग एवं राजनीतिक विवादों से समूह को दूर रखना
✅ संवैधानिक दायरे में रहकर जनहित के मुद्दों को उठाना
✅ क्षेत्र की समस्याओं के स्थायी समाधान हेतु सामूहिक प्रयास
✅ राजनीतिक पोस्ट एवं दलगत प्रचार-प्रसार नहीं करना, केवल क्षेत्र की समस्याओं एवं उनके समाधान पर चर्चा करना
- अगली बैठक : 21 जून 2026, प्रातः 10 बजे
सभी उपस्थित साथियों का धन्यवाद। आशा है कि समाधान मंच देवभोग क्षेत्र के विकास, जनजागरूकता एवं जनहित के लिए एक मजबूत एवं प्रभावी मंच के रूप में कार्य करेगा। इस बैठक में प्रमुख रूप से युवा नेता कन्हैया मांझी, भोले मांझी, विकाश उपाध्यक्ष, हरीश तायल, डब्लू कश्यप, सुरज नागेश, मिलन नागेश, हुकूमत यादव, लतीफ खान, किशोर चक्रधारी, रणवीर सोनी, सुशील साहू, आदित्य शर्मा, पीतम यादव, तुला यादव, निलेश यादव, फिरोज खान, तुलसी निधि, लम्बुधर साहू, लेबानो सोना, पंकज बीसी, नागेश्वर मोरे, महेश्वर सिंहा, जितेंद्र ठाकुर, भजन ठाकुर, दुर्गेश मरकाम, गोवर्धन प्रधान, श्रवण निषाद, विवेक यादव, धनेश्वर यादव, मुरलीधर एवं बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग शामिल हुए।
