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June 13, 2026

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मैनपुर में महिला एवं बाल विकास विभाग में परियोजना अधिकारी नियुक्त करने मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को पत्र भेजा गया

  • शेख हसन खान, गरियाबंद 
  • जिला मुख्यालय से जिला अधिकारी द्वारा किया जा रहा मैनपुर कार्यालय का संचालन, समस्याओ से जकड़ा आंगनबाड़ी केन्द्रों में सुविधाओं का अभाव

गरियाबंद । गरियाबंद जिले के आदिवासी विकासखण्ड मैनपुर क्षेत्र मे पिछले 05 माह से महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय मे स्थायी अधिकारी नही होने के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महिला बाल विकास विभाग मैनपुर प्रभारी अधिकारी के भरोसे संचालित हो रहा है यहां के परियोजना अधिकारी दिसम्बर 2025 में सेवा निवृत्त होने के बाद अब 05 माह बाद भी मूल अधिकारी की नियुक्ति नहीं हो पाई है। गरियाबंद जिला अधिकारी ही मैनपुर के परियोजना अधिकारी का पद संभाले हुए हैं जिसके चलते इतना महत्वपूर्ण विभाग का संचालन एक तरह से अधिकारी नहीं होने कारण जिला मुख्यालय से संचालित किया जा रहा है और इस विभाग के जो योजनाओ का लाभ ग्रामीण क्षेत्र के लोगो को मिलना चाहिए नहीं मिल पा रहा है।

मैनपुर मे तत्काल महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी नियुक्ति की मांग को लेकर क्षेत्र के लोगों ने कई बार जिला कलेक्टर से मांग करने के बाद मांग पूरा नहीं होने से अब छत्तीसगढ़ के महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े को पत्र लिखकर मैनपुर मे तत्काल परियोजना अधिकारी नियुक्त करने की मांग किया है। साथ ही इस मामले मे कल ही क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि राजधानी रायपुर पहुंचकर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को मांगपत्र सौपकर मैनपुर मे परियोजना अधिकारी नियुक्त करने की मांग करेंगे। साथ ही ज्ञापन की प्रतिलिपि बिन्द्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव एवं राजिम विभाग रोहित साहू, महासमुंद लोकसभा सांसद श्रीमति रूपकुमारी चौधरी को भेजा गया है।

ज्ञात हो कि मैनपुर मे सन् 1980 से एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय का संचालन किया जा रहा है और इस परियोजना कार्यालय के अंतर्गत 348 से आंगनबाड़ी केन्द्रो का संचालन किया जा रहा है जिसमे 0 से 6 वर्ष के हजारो बच्चे अध्यनरत् है और महिला बाल विकास विभाग कार्यालय स्वयं समस्याओं से जकड़ा हुआ है। इस विभाग के पास खुद के कार्यालय भवन नहीं है किराए के भवन में संचालित किया जा रहा है तो वही दूसरी ओर 100 से ज्यादा आंगनबाड़ी केन्द्र भवन बेहद जर्जर और खराब हो गया है। जर्जर आंगनबाड़ी केन्द्रों में पेयजल, शौचालय जैसे बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं है जिसके कारण नवनिहाल बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई आंगनबाड़ी केन्द्र तो झोपड़ियों में संचालित हो रहा है।

  • मैनपुर में स्थायी अधिकारी नहीं होने से आंगनबाड़ी केन्द्रों की समस्या जस की तस बना

मैनपुर विकासखण्ड क्षेत्र लगभग 100 किमी एरिया मे फैला हुआ है। और मैनपुर मे स्थायी अधिकारी नहीं होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केन्द्रो का मानिटरिंग नहीं हो पा रहा है। साथ ही समस्याओ का समाधान नहीं हो पा रहा है। इस विभाग से मिलने वाली कई योजनाओं का भी लाभ बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं एवं जरूरतमंद ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि गरियाबंद जिला मुख्यालय से जिला अधिकारी द्वारा मैनपुर कार्यालय का संचालन किया जा रहा है जो मैनपुर मे उपस्थित नहीं रहते है ऐसे में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।