Recent Posts

May 12, 2026

समाचार पत्र और मीडिया है लोकतंत्र के प्राण, इसके बिन हो जाता है देश निष्प्राण।

गरियाबंद गरीब माता-पिता अपने बीमार पुत्र के एक-एक निवाला पर खून के आंसू रोने मजबूर, इलाज के लिए मुख्यमंत्री से लगाई गुहार

  • शेख हसन खान, गरियाबंद 
  • राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले कमार जनजाति के गरीब माता पिता की गुहार, मेरे बच्चे को बचाव सरकार
  • जन्म से ही बच्चे के मलद्वार नहीं होने से जिंदगी और मौत के बीच जुझ रहा तीन साल का युवराज को इलाज की दरकार
  • स्थानीय अधिकारियों से लेकर कलेक्टर तक लगा चुके फरियाद अब स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री से बंधी है आस

गरियाबंद। विशेष पिछड़ी आदिवासी कमार जनजाति के लोगों को राष्ट्रपति का दत्तक पुत्र कहा जाता है और इनके विकास और उत्थान के लिए राज्य व केन्द्र सरकार द्वारा अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित करने की दावा करते थकती नहीं। सरकार और तो और पीएम जनमन योजना के तहत कमार जनजातियों को समाज के मुख्यधारा मे लाने के लिए कई कार्यक्रम चलाये जा रहे है। इन सबके बावजूद गरियाबंद जिले के आदिवासी विकासखण्ड मैनपुर क्षेत्र में कमार जनजाति के लोगों को सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यह कहना कोई गलत नहीं होगा क्योंकि तहसील मुख्यालय मैनपुर से महज 08 किमी दूर ग्राम बेहराडीह मे एक गरीब कमार परिवार अपने तीन वर्षीय बच्चे के इलाज के लिए पिछले तीन वर्षो से दर -दर की ठोकरे खा रहे हैं।

स्थानीय अधिकारियों से लेकर कमार विकास अभिकरण के अधिकारी और जिले के कलेक्टर तक से फरियाद लगा चुके है लेकिन अब तक उन्हे हर जगह निराशा ही हाथ लगी है। अब गरीब कमार परिवार के माता पिता ने थक हारकर छत्तीसगढ़ प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से गुहार लगाई है कि मेरे बच्चे का इलाज करावो सरकार। ग्राम पंचायत बोईरगांव के आश्रित ग्राम बेहराडीह मे निवास करने वाले फलेश नेताम एवं धनेश्वरी नेताम के पुत्र का जन्म आज से 03 वर्ष पहले मैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में हुआ था तो परिवार मे खुशी की लहर दौड़ पड़ी लेकिन बच्चा युवराज जन्म से ही एनोरेक्टल मालफॉर्मेशन नाम की बीमारी से ग्रसित है बच्चे का मलद्वार जन्म से नहीं है। जन्म के बाद बच्चे को जिला अस्पताल रिफर किया गया और उसके बाद रायपुर रिफर कर दिया गया लेकिन गरीब परिवार के पास पैसे की कमी के चलते उनका इलाज नहीं हो पाया और पेट के पास एक पाईप लगा दी गई। युवराज के माता पिता फलेश नेताम एवं धनेश्वरी नेताम ने बताया कि उनके बच्चे का इलाज कराने के लिए मैनपुर जनपद के अधिकारियों से लेकर जिला चिकित्सा अधिकारी और कमार परियोजना एवं सहायक आयुक्त के अलावा जिले के कलेक्टर से फरियाद लगा चुके है। सबको आवेदन दिया गया है लेकिन उन्हे सिर्फ आश्वासन मिला आज 03 वर्षो बाद भी बच्चे का इलाज नहीं हो पाया। कमार परिवार ने बताया वह बेहद गरीब है मेहनत मजदूरी के अलावा बांस बर्तन बनाकर जीविका उपार्जन करते है जिससे उनके परिवार के पांच सदस्यों का पालन पोषण करते है। इलाज के लिए अपने स्तर पर घर के छोटे मोटे समान को बेच बाचकर कोशिश किया गया लेकिन रायपुर के डॉक्टरों ने बताया पैसा अधिक लगेगा तो मां बाप थक हारकर अब छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से इलाज के लिए गुहार लगाई है।

  • बच्चा भरपेट भोजन भी नहीं कर पाता, हर निवाले पर तड़पता है, मां-बाप खून के आंसू रोने मजबूर

युवराज के माता पिता ने बताया उनके तीन वर्ष का बच्चा मलद्वार नही होने के कारण भरपेट भोजन भी नही कर पाता रात को बहुत तड़पता है थोड़ा खाने पर मुंह से उल्टी कर देता है बच्चे को तड़पते देख माता पिता और मोहल्ले के लोग परेशान हो जाते है। ग्रामीण ने बताया इन दिनो छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन तिहार चल रहा है हमारे बच्चे के तरफ सरकार ध्यान दे तो उसकी जीवन बच सकती है।

  • क्या कहते है डॉक्टर

मैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के बीएमओ डॉ गजेन्द्र ध्रुव ने बताया इसकी जानकारी आपके माध्यम से लगा है मै पता करवाता हूॅ। इसे एनोरेक्टल मालफॉरमेशन कहा जाता है और इसका इलाज संभव है।

जनपद सदस्य ने कहा कि बच्चे के इलाज के लिए सरकार मदद करें । जनपद सदस्य सुकचंद ध्रुव ने बताया कि इस बच्चे के बीमारी के संबंध में मैं स्वयं स्थानीय अधिकारियों से लेकर जिला अधिकारियों को अवगत करा चुका हूॅ। कितना दुख की बात है कि विशेष पिछड़ी जनजाति कमार बच्चे के इलाज के लिए अब तक कोई मदद नहीं मिला। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार को चाहिए की इस बच्चे के इलाज कराने मे मदद किया जाये।