भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा को लेकर अमलीपदर में भव्य तैयारी, पहुंचेंगे हजारों श्रद्धालु
- शेख हसन खान, गरियाबंद
- पंडित युवराज पाण्डेय के नेतृत्व में किया जा रहा तैयारियां, बोल कालिया जयकारों से गूंज उठेगा क्षेत्र
- प्रदेश के बड़े नेता जनप्रतिनिधियों सहित छत्तीसगढ़ ओड़िशा से रथयात्रा में शामिल होने पहुंचेंगे हजारों भक्त
- 15 जुलाई से लेकर 25 जुलाई तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा, बारिश को देखते हुए भव्य तैयारी
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा गरियाबंद जिले के अमलीपदर में हर वर्ष विधिविधान के साथ निकाली जाती है। इस रथयात्रा में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ सहित सीमावर्ती राज्य ओड़िशा प्रदेश से हजारों की संख्या मे श्रद्धालु भक्तगण पहुंचते है और प्रदेशभर से बड़े राजनेता जनप्रतिनिधि एवं आला अफसर भी शामिल होते हैं। रथयात्रा पर अमलीपदर क्षेत्र बोल कालिया के जयकारों से गूंज उठता है। रथयात्रा महोत्सव को लेकर अंतराष्ट्रीय कथावाचक आचार्य पंडित युवराज पाण्डेय के नेतृत्व में व्यापक तैयारी की जा रही है।

हर वर्ष की भांति जगन्नाथ मंदिर में इस वर्ष रथयात्रा पर्व पर जोर-शोर से तैयारी चल रही है। रथयात्रा पर नव दिवस गुंडिचा मंदिर में एतिहासिक भव्य कार्यक्रम भी रखा गया है। गुंडिचा मंदिर का निर्माण भी उड़ीसा के कुशल कारीगरों के निगरानी में किया जा रहा है। भव्य पंडाल जहां श्री जगन्नाथ जी अपने बड़े भैय्या श्री बलभद्र एवं बहन सुभद्रा संग होंगे विराजमान । पंडाल की तैयारियां भी जोर शोर से प्रारंभ हो चुका है।
भगवान जगन्नाथ मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित युवराज पांडेय ने बताया कि हमारे क्षेत्र का ये एक महाप्रभु का महापर्व है जो क्षेत्र के भक्त श्रद्धालु इस महापर्व रथयात्रा के लिए वर्ष भर प्रतिक्षा में रहते हैं क्योंकि सारे मंदिरो के अलावा एक मात्र श्री जगन्नाथ महाप्रभु ही है जो रथयात्रा में भक्तों को दर्शन देने मंदिर से बाहर आते हैं। क्षेत्रभर के भक्त श्रद्धालु से जानकारी प्राप्त हुआ की महापर्व देखने हेतु बहुत ही उत्साहित हैं । नव दिनों के इस रथयात्रा पर्व बड़ी श्रद्धा और धूमधाम से मनाया जाएगा । पंडित युवराज पांडेय ने सभी से हाथ जोड़कर अपील करते हुए कहा कि सभी भक्त श्रद्धालु रथयात्रा पर्व पर आकर श्री जगन्नाथ जी के दर्शन का लाभ उठा कर अपने जीवन को सफल बनाए। वही दूसरी ओर इस आयोजन को सफल बनाने शासन प्रशासन भी तैयारी प्रारंभ कर दी है, क्योंकि भक्तों का भारी जनसैलाब को देखते हुए शांति व्यवस्था हेतु शासन प्रशासन द्वारा भी तैयारी किया जा रहा है।
- 15 से 25 जुलाई तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन
भगवान श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव में 15 जुलाई को रथ पूजा, ध्वज परिवर्तन, महाप्रभु के अभिषेक पूजन के साथ 16 जुलाई को पवित्र रथयात्रा महोत्सव एवं 17 जुलाई से 19 जुलाई तक हरिनाम सकिर्तन मंडलियों द्वारा कार्यक्रम के साथ ही पौराणिक ओड़िया नाटक व अनेक धार्मिक कार्यक्रम, 20 जुलाई को पवित्र हेरापंचमी जात्रा 21 जुलाई को महानिशा पूजा, 27 जुलाई को हरिनाम सकिर्तन के अलावा कामता प्रसाद शरण के द्वारा रामायण प्रस्तुती, 23 जुलाई को रथ पूजा एवं धार्मिक कार्यक्रम, 24 जुलाई को पवित्र बाहुड़ा जात्रा गुड़िचा मंदिर के सामने विभिन्न झांकी एवं छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुती के साथ 4 बजे महाप्रभु गुड़िचा मंदिर से श्रीमंदिर के लिए प्रस्थान करेंगे एवं 25 जुलाई को हरिशयन जात्रा है।
