बदहाल स्वास्थ्य सिस्टम – डेढ़ लाख आबादी वाले आदिवासी ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मैनपुर में मात्र दो डॉक्टर, सरकार के दावों की पोल खोल रही है
- शेख हसन खान, गरियाबंद
- मैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रिफर सेंटर बनकर रह गया, इलाज के लिए ओड़िशा व रायपुर जाने मजबूर स्वास्थ्य सुविधा बदहाल, लोगों के लिए नहीं है समुचित स्वास्थ्य सुविधा
- ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के चलते अकाल मृत्यु के गाल में समा जाते हैं ग्रामीण
गरियाबंद। गरियाबंद जिले के आदिवासी विकासखण्ड मैनपुर क्षेत्र के लोग छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 26 वर्षो बाद भी स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर दूसरे प्रदेश ओड़िशा पर निर्भर रहते हैं। ये हालात सरकार के स्वास्थ्य संबंधी विकास के सारे दावे की पोल खोल रही है। सरकार ने अब तक न तो अस्पताल भवनों की पर्याप्त व्यवस्था की है न ही डॉक्टरों की जिसके कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मैनपुर मुख्यालय के अस्पताल भी रिफर सेंटर बनकर रह गया है। आदिवासी विकासखंड मैनपुर क्षेत्र स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर शुरू से महरूम रहा है, जबकि यह क्षेत्र काफी संवेदनशील क्षेत्र के रूप मे जाना जाता है। हर वर्ष यहां बारिश के मौसम मे अनेक जनित रोगों व बिमारियों से लोग पीड़ित रहते हैं। बारिश के सीजन प्रारंभ होते ही उल्टी,दस्त व मलेरिया का यह क्षेत्र गढ़ बन जाता है।

पूर्व वर्षो मे मलेरिया उल्टी दस्त जैसे बिमारियों से कई लोगो की जाने जा चुकी है अस्पताल सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार मैनपुर विकासखंड के 180 गांवो के लगभग 1 लाख 65 हजार ग्रामीणों के लिए मैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मे मात्र 2 डॉक्टर ही पदस्थ है, मैनपुर नगर में कहने को तो सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र है यहां 1980 मे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खोला गया है और इस अस्पताल मे 12 स्पेशलिस्ट एवं डॉक्टरो के पद स्वीकृत है लेकिन इसमें से मात्र दो डॉक्टर ही इस अस्पताल को नसीब हो पाया है।यहां शिशु रोग विशेषज्ञ, स्त्रीरोग विशेषज्ञ व अन्य डॉक्टरों की कमी वर्षो से बनी हुई है। यहां रोस्टर मे चार डॉक्टर के पद दिखा रहे हैं। लेकिन एक डॉक्टर निलंबित है एक अनुबंध मे महिला डॉक्टर आई वह छुट्टी लेकर आगे की पढ़ाई करने चली गई है वर्तमान मे मात्र दो डॉक्टर एक डॉक्टर गजेन्द्र ध्रुव एवं डॉ के डी जोगी ही पदस्थ है जिसमे एक डॉक्टर गजेन्द्र ध्रुव बीएमओ के पद पर भी पदस्थ है जिसके कारण उन्हे बैठक व अन्य जरूरी कार्य के चलते जिला मुख्यालय व ग्रामीण क्षेत्र के फील्ड मे जाना पड़ता है। बावजूद इसके डॉक्टर गजेन्द्र ध्रुव एवं डॉ के डी जोगी दिनरात 24 घंटे अस्पताल मे सेवा देते हुए नजर आते है। मैनपुर तहसील मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मे पर्याप्त डॉक्टरो की कमी के चलते नगर व क्षेत्र के लोगो को इलाज कराने आज भी राजिम, रायपुर, धमतरी, ओड़िशा धरमगढ़ जाने मजबुर होना पड़ रहा है।
- वर्षो से मैनपुर में नहीं है महिला डॉक्टर
तहसील मुख्यालय मैनपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र है और यहां बीएमओ सहित दो ही डॉक्टर पदस्थ है मैनपुर विकासखण्ड काफी लंबा चौड़ा है लगभग 100 किमी के एरिया में फैला हुआ है और 1 लाख 65 हजार ग्रामीणों के लिए महज डॉक्टरों की भारी कमी बनी हुई है। सबसे ज्यादा परेशानी तहसील मुख्यालय मैनपुर में महिला डॉक्टर के नही होने से होती है। क्योंकि महिलाओं को अपने समस्याओं व बीमारियों को लेकर महिला डॉक्टर को आसानी से समस्या बता सकते है इसलिए वर्षो से महिला डॉक्टर की मांग किया जा रहा है। महिला डॉक्टर को लेकर कई बार उच्च अधिकारियो सहित शासन प्रशासन से मांग किया जा चुका है लेकिन इस गंभीर समस्या की ओर अब तक ध्यान नहीं दिया गया। मैनपुर तहसील मुख्यालय में कहने को तो सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र है लेकिन यह सिर्फ रिफर सेंटर बनकर रह गया है, यहां कोई सुविधाए नहीं है। छोटो – छोटी ईलाज के लिए मैनपुर पुरे क्षेत्र के लोगो को ओडिसा के रायगढ, धरमगढ एंव रायपुर जाना पड़ता है। घटना दुर्घटना की स्थिति में यह अस्पताल रिफर सेंटर बनकर रह गया है, यहा प्रर्याप्त सुविधा के अभाव में सीधे जिला अस्पताल गरियाबंद रिफर कर दिया जाता है। मैनपुर अस्पताल मे 30 बिस्तर की सुविधा है भवन भी आलिशान बना है लेकिन डॉक्टर नही है मैनपुर मे एंबुलेंस 108, 102 की भी सुविधा है।
- मैनपुर में सोनोग्राफी मशीन लगाने की जरूरत, लो वोल्टेज में एक्सरे भी काम नहीं करता
मैनपुर मे मात्र एक्सरे मशीन की सुविधा है लेकिन इन दिनो लगातार बिजली कटौती और लो वोल्टेज के कारण इसका जितना लाभ मिलना चाहिए नहीं मिल पाता। साथ ही 100 किमी एरिया में फैले मैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में सोनोग्राफी मशीन लगाने की जरूरत है। वनांचल क्षेत्र के गरीब परिवारो को सोनोग्राफी के लिए जिला मुख्यालय और प्राइवेट अस्पताल रायपुर जाना पड़ता है जिससे उन्हे भारी दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा हैं। पूर्व में मैनपुर में सोनोग्राफी मशीन लगाने की घोषणा किया गया था लेकिन इसमे अब तक अमल नहीं हुआ।
- अस्पताल परिसर मे डॉक्टर और स्टाफ के लिए आवास निर्माण की मांग
मैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के पास पर्याप्त जगह है और यहां डॉक्टरो के निवास करने के लिए आवास निर्माण कार्य लाखो रूपये खर्च कर किया जा रहा था जिसके एक हिस्से वर्षो से अधुरा पड़ा हुआ है निर्माण स्थल पर कोई बोर्ड नही लगा है जबकि हर घटना और दुर्घटना की स्थिति मे पूरे विकासखण्ड से मरीजो को मैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया जाता है ऐसे मे अस्पताल मे तत्काल डॉक्टर उपलब्ध हो सके इसके लिए अस्पताल परिसर मे ही डॉक्टर व स्टाफ के लिए सरकारी आवास निर्माण किया जाना बेहद जरूरी है।
- मरीजों को उल्टे खाट में लाया जाता है अस्पताल तक
आज भी इस क्षेत्र के दूरस्थ पहाड़ी पर बसे ग्रामो के ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधा के अभाव मे उल्टे खाट मे मरीज को लीटाकर अस्पताल तक लाने मजबूर होते है और तो और दूरस्थ ग्रामीण अंचलो मे स्वास्थ्य सुविधा नही पहुचंने के कारण आज भी इस वैज्ञानिक युग मे लोग झाड़ फूंक, तंत्र मंत्र से ईलाज कराने मजबूर हो रहे हैं।
मैनपुर विकासखंड के इंदागांव क्षेत्र से आगे देवभोग तक के लोग आज छत्तीसगढ़ निर्माण के 26 वर्षो पश्चात इलाज के लिए पड़ोसी राज्य उड़ीसा के धरमगढ़, रायगढ़ इलाज कराने जाने मजबूर होते है। बारिश के इन दिनों में मैनपुर क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों के गांवों में पुल पुलिया नही होने के कारण मरीजों को और गर्भवती महिलाओं को कांधे पर बिठाकर या फिर खाट में लिटाकर नदी नालो को पैदल पार कर अस्पताल लाया जाता है। सरकारी रिकार्ड मे क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध होगी लेकिन आज भी इदागांव, मुलडगेलमाल, खोखमा, कोदोभाठा, झरगांव, बुरजाबहाल, गौरगांव , कुचेगा, कुसियारबरछा क्षेत्र के ग्रामीण ईलाज के लिए ओडिसा दुसरे प्रदेश ईलाज के जाने मजबूर होते हैं। 
- बिन्द्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव ने कहा, अस्पतालों में डॉक्टर के लिए आंदोलन करेंगे
बिन्द्रानवागढ़़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक जनक ध्रुव ने कहा मैनपुर देवभोग क्षेत्र मे स्वास्थ्य सुविधा बेहद लचर है इस मामले को विधानसभा मे भी मांग कर चुका हू। श्री ध्रुव ने कहा मैनपुर देवभोग अमलीपदर क्षेत्र मे डॉक्टर और स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की मांग को लेकर आंदोलन किया जायेगा। 
- क्या कहते हैं पूर्व विधायक डमरूधर पुजारी
बिन्द्रानवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता डमरूधर पुजारी ने कहा मैनपुर देवभोग अमलीपदर क्षेत्र मे पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधा के साथ ही पर्याप्त डॉक्टर बेहद जरूरी है इस मांग को लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात करेंगे। श्री पुजारी ने कहा भाजपा सरकार आदिवासी क्षेत्रो के विकास के लिए बेहद संवेदनशील है जल्द ही महिला डॉक्टर एवं स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी।
