महतारी वंदन योजना से गरियाबंद जिले की लाखों महिलाओं को हर माह मिल रही आर्थिक सहायता
- शेख हसन खान, गरियाबंद
- ई-केवाईसी अभियान से महतारी वंदन योजना होगी और मजबूत, जिले में 94 प्रतिशत हो चुका है केवाईसी
गरियाबंद। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। गरियाबंद जिले में इस योजना के माध्यम से बड़ी संख्या में महिलाओं को हर माह आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। अब योजना को और अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए ई-केवाईसी सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है, जिससे पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ मिल सके। महिला एवं बाल विकास विभाग गरियाबंद के अनुसार जिले में 1 लाख 78 हजार 912 हितग्राहियो का ई-केवाईसी करना था जिसमे अब तक 1 लाख 68 हजार 663 का हो चुका है अब तक 94 प्रतिशत हो चुका है। यह जिले में बहुत तेजी से किया जा रहा है। लाखों महिलाएं इस योजना का लाभ ले रही हैं। प्रत्येक हितग्राही महिला के खाते में प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि सीधे ट्रांसफर की जा रही है। विभाग द्वारा महिलाओं से समय रहते ई-केवाईसी पूरा कराने की अपील की जा रही है, ताकि राशि प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो ।
ई-केवाईसी की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए बनाने के लिए जिले के विभिन्न च्वाइस सेंटरों एवं संबंधित केंद्रों में व्यवस्था की गई है। महिलाएं आधार कार्ड और मोबाइल नंबर के साथ पहुंचकर आसानी से सत्यापन करा रही हैं। विभागीय अधिकारियों द्वारा लगातार निगरानी करते हुए हितग्राहियों से संपर्क भी किया जा रहा है। कई स्थानों पर नाम या दस्तावेजों में त्रुटियों को भी सुधारा जा रहा है, जिससे महिलाओं को योजना का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहे अधिकारियो का कहना है जिन हितग्राहियो के दस्तावेजो मे तकनीकी त्रुटिया है उन्हे भी सुधार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है।
नए हितग्राहियों को भी योजना से जोड़ने की मांग –
महतारी वंदन योजना को लेकर महिलाओं में उत्साह बना हुआ है। जिले में कई ऐसी महिलाएं भी हैं जो भविष्य में योजना से जुड़ने की उम्मीद लगाए हुए हैं। शादी के बाद पात्र हुई महिलाएं तथा पूर्व में आवेदन से वंचित रह गई महिलाएं योजना का पोर्टल खुलने की प्रतीक्षा कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि यह योजना घरेलू जरूरतों को पूरा करने और आत्मनिर्भर बनने में सहायक साबित हो रही है। योजना से जुड़ने के बाद महिलाओं में आर्थिक आत्मविश्वास बढ़ा है तथा परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है।
ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क –
महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से हितग्राहियों से लगातार संपर्क साधा जा रहा है। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है और इसके लिए किसी भी प्रकार का शुल्क देने की आवश्यकता नहीं है। महिला एवं बाल विकास अधिकारी अशोक पाण्डेय ने बताया कि जिले में ई-केवाईसी अभियान को तेजी से पूरा किया जा रहा है। जिन महिलाओं का सत्यापन शेष है, उनसे व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर प्रक्रिया पूरी कराने की अपील की जा रही है। उन्होंने बताया कि पूरे गरियाबंद जिले मे 94 प्रतिशत ई-केवाईसी का कार्य हो चुका है।
बुजुर्गो के फिंगर प्रिंट नहीं मिलने से हो रही परेशानी – गरियाबंद जिले में जो 6 प्रतिशत ई-केवाईसी का कार्य नहीं हुआ है उसमें सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गो को जो रही है। उंगलियों के फिंगर पिं्रट एवं मशीन मे मैच नहीं हो रही है और उन्हे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बुजुर्ग महिलाओं को भारी परेशानी हो रही हैं।
महतारी वंदन योजना की प्रमुख बातें –
▶ गरियाबंद जिले की 180295 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित
▶ हर माह एक हजार रुपए की सहायता राशि
▶ सीधे बैंक खाते में राशि ट्रांसफर
▶ ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क
▶ च्वाइस सेंटरों में उपलब्ध सुविधा
ई-केवाईसी के लिए जरूरी दस्तावेज – आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, बैंक खाते की जानकारी, आधार से लिंक मोबाइल, आवश्यक पहचान दस्तावेज।
क्या कहते हैं अधिकारी
महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी अशोक पाण्डेय ने बताया गरियाबंद जिले में 1 लाख 78 हजार 912 का केवाई करना था जिसमे 1 लाख 68 हजार 663 का हो चुका है 94 प्रतिशत हो चुका है। उन्होंने कहा कि जिन हितग्राहियों के दस्तावेजों में तकनीकी त्रुटियां हैं, उन्हें भी सुधार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
