कांग्रेस का महिलाओं के अधिकारों के प्रति नकारात्मक रुख उजागर – पर्व MLA डमरूधर पुजारी
- शेख हसन खान, गरियाबंद
गरियाबंद। बिन्द्रानवागढ़ के पूर्व MLA एवं वरिष्ठ भाजपा नेता डमरूधर पुजारी ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से जुड़े 131वें संविधान संशोधन विधेयक के विरोध को लेकर कांग्रेस और उनके गठबंधन पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि यह विरोध केवल एक कानून का विरोध नहीं है, बल्कि देश की मातृशक्ति के अधिकार, सम्मान और नेतृत्व क्षमता को नकारने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि यह रुख उन करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं और विश्वास पर सीधा आघात है, जिन्होंने अपने सशक्त भविष्य का सपना देखा है। श्री पुजारी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में नारी शक्ति को शासन और निर्णय प्रक्रिया के केंद्र में स्थापित करने का ऐतिहासिक कार्य किया जा रहा है।
महिलाओं को समान अवसर, राजनीतिक भागीदारी और सशक्त पहचान देने के लिए केंद्र सरकार निरंतर ठोस कदम उठा रही है। ऐसे समय में कांग्रेस और गठबंधन द्वारा इस महत्वपूर्ण विधेयक का विरोध उनकी संकीर्ण मानसिकता और दोहरे मापदंड को उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि आज देश की माताएँ और बहनें पूरी सजगता के साथ इस प्रकार के राजनीतिक रुख को देख और समझ रही हैं। नारी सशक्तीकरण के मुद्दे पर राजनीति करने वालों को देश की महिलाएं समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगी।
श्री पुजारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि नारी सशक्तीकरण की यह यात्रा अब रुकने वाली नहीं है। महिलाओं को उनका अधिकार, सम्मान और निर्णय प्रक्रिया में उचित स्थान दिलाना ही सरकार का संकल्प है, जिसे हर परिस्थिति में पूरा किया जाएगा।
