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June 17, 2026

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गरियाबंद को मिली 600 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

  • शेख हसन खान, गरियाबंद 
  • मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 76 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन
  • सड़क, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और विद्युत अधोसंरचना को मिलेगी नई मजबूती

गरियाबंद।‌ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज पुलिस परेड ग्राउंड, गरियाबंद में आयोजित लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में जिले को 603 करोड़ 46 लाख 32 हजार रुपये की लागत वाले 76 विकास कार्यों की सौगात दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने 86 करोड़ 75 लाख 52 हजार रुपये की लागत से पूर्ण हुए 46 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 516 करोड़ 70 लाख 80 हजार रुपये की लागत से प्रारंभ होने वाले 30 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गरियाबंद जिले में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनता के हित में लगातार कार्य कर रही है और विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत लगभग 757 करोड़ रुपये के बिजली बिल माफ किए जा रहे हैं, जिससे लाखों परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री सूर्य घर बिजली मुक्त योजना लागू की गई है। इस योजना के माध्यम से घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर लोगों को बिजली खर्च से राहत दिलाई जा रही है तथा स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने किसानों के हितों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में कृषि सहकारी साख समितियों के नए केंद्र खोले जा रहे हैं, जिससे किसानों को ऋण, खाद, बीज एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का आग्रह करते हुए नैनो यूरिया के उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि नैनो यूरिया के उपयोग से उत्पादन लागत कम होती है, भूमि की उर्वरता बनी रहती है और कृषि उत्पादन में वृद्धि होती है।

श्री साय ने कहा कि सुशासन और पारदर्शी प्रशासन राज्य सरकार की प्राथमिकता है। आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 संचालित की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें देश की सेवा करने का सबसे लंबे समय तक अवसर प्राप्त हुआ है और उनके नेतृत्व में भारत विश्व मंच पर नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर विकसित भारत एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को पूरा करने की दिशा में कार्य कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीब परिवारों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है तथा विकास की यह यात्रा निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने गरियाबंद जिले के विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए जनता से विकास कार्यों में सहभागी बनने का आह्वान किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति तथा बुनियादी सुविधाओं का विस्तार है। उन्होंने कहा कि गरियाबंद जिले में आज जिन विकास कार्यों की शुरुआत हुई है, उनसे शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई, पेयजल, विद्युत और जनसुविधाओं के क्षेत्र में सुधार होगा तथा जिले के सर्वांगीण विकास को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गरियाबंद जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध आदिवासी संस्कृति और धार्मिक महत्व के स्थलों के कारण विशेष पहचान रखता है। छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहलाने वाला राजिम तथा राजीव लोचन मंदिर और कुलेश्वर महादेव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। राज्य सरकार द्वारा यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि किसान, आदिवासी परिवार, युवा, महिलाएं और गरीब वर्ग सहित सभी को योजनाओं का समान लाभ मिले, इसके लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि सुशासन तिहार के दौरान सुपेबेड़ा क्षेत्र की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए तेल नदी पर 7 करोड़ रुपये की लागत से एनीकट निर्माण की स्वीकृति दी गई है, जिससे क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि प्रदेश के सभी विद्यालयों में 16 जून से नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो चुका है तथा 16 जून से 27 जून तक शाला प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से अपील की कि वे विद्यालयों में आयोजित प्रवेश उत्सव में शामिल होकर ऐसे बच्चों को विद्यालय से जोड़ने में सहयोग करें जो अभी तक शिक्षा से वंचित हैं। सरकार के गठन के तुरंत बाद मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में 18 लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई। वर्तमान में प्रदेश में 26 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हो चुके हैं, जिनमें से लगभग 19 लाख 70 हजार आवास पूर्ण हो चुके हैं तथा पिछले ढाई वर्षों में 10 लाख से अधिक आवासों का निर्माण पूरा किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। अब तक 28 किश्तों के माध्यम से 18 हजार 165 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हितग्राही महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी कर रही है। कृषक उन्नति योजना के माध्यम से अंतर की राशि का भुगतान भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक की दर 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपये प्रति मानक बोरा कर दी गई है, जिससे लाखों संग्राहक परिवारों की आय में वृद्धि हुई है। चरण पादुका योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है।

जल जीवन मिशन के तहत 41 लाख से अधिक परिवारों को नल से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र प्रारंभ किए गए हैं, जहां ग्रामीण बैंकिंग सेवाओं के साथ विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान के अंतर्गत घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक की मासिक खपत पर बिजली बिल में 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। साथ ही मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 के माध्यम से बकाया बिजली बिल वाले उपभोक्ताओं को राहत प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरियाबंद आदिवासी बहुल जिला है, जहां कमार और भुंजिया जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों की उल्लेखनीय आबादी निवास करती है। प्रधानमंत्री जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, आवास और आजीविका के क्षेत्र में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ भी विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के संकल्प के साथ अधोसंरचना, कृषि, उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आज जिन विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है, वे गरियाबंद जिले को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

आज आयोजित भूमिपूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग के 13 कार्यों के लिए 368 करोड़ 13 लाख 27 हजार रुपये, जल संसाधन विभाग के 9 कार्यों के लिए 53 करोड़ 16 लाख 99 हजार रुपये, लोक निर्माण विभाग (सेतु निर्माण) के 4 कार्यों के लिए 30 करोड़ 68 लाख 74 हजार रुपये, छत्तीसगढ़ ग्राम सड़क विकास अभिकरण के 1 कार्य के लिए 3 करोड़ 84 लाख 40 हजार रुपये, स्वास्थ्य विभाग के 1 कार्य के लिए 18 करोड़ 9 लाख 40 हजार रुपये, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के 1 कार्य के लिए 50 लाख रुपये तथा छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के 1 कार्य के लिए 42 करोड़ 28 लाख रुपये की लागत के कार्य शामिल हैं।

इसी प्रकार लोकार्पित कार्यों में लोक निर्माण विभाग के 5 कार्यों के लिए 6 करोड़ 1 लाख 95 हजार रुपये, जल संसाधन विभाग के 6 कार्यों के लिए 14 करोड़ 36 लाख 86 हजार रुपये, लोक निर्माण विभाग (सेतु निर्माण) के 2 कार्यों के लिए 10 करोड़ 16 लाख 99 हजार रुपये, छत्तीसगढ़ ग्राम सड़क विकास अभिकरण की इकाई-1 के 19 कार्यों के लिए 13 करोड़ 70 लाख 84 हजार रुपये, इकाई- 2 के 8 कार्यों के लिए 33 करोड़ 24 लाख 88 हजार रुपये तथा स्वास्थ्य विभाग के 5 कार्यों के लिए 6 करोड़ 9 लाख रुपये, छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड के 1 कार्य के लिए 3 करोड़ 15 लाख रूपये की लागत वाले कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने जिलेवासियों को इन विकास कार्यों की सौगात के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए विकसित गरियाबंद, विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम उपस्थित थे।

इस दौरान खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री दयालदास बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य के सभी वर्गोें के हित में अनेक जनकल्याणकारी कार्य किए जा रहे है। हमने अल्प समय में ही प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के गारंटी के योजनाओं को पूरा किया जा रहा है। हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना, धान खरीदी सहित धान के अलावा अन्य फसल लेने पर किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रूपये प्रोत्साहन राशि प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर महासमुंद लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक श्री रोहित साहू ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान छ.ग. राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष श्री चंदूलाल साहू, जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री गौरीशंकर कश्यप, नगर पालिका अध्यक्ष श्री रिखीराम यादव, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री सोहन धु्रव, वरिष्ठ नागरिक श्री अनिल चंद्राकर सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं नागरिक उपस्थित थे।